जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर ओला-उबर के प्रवेश से स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों में आक्रोश, मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग

देहरादून: जौलीग्रांट  एयरपोर्ट पर ऑनलाइन कैब सेवाओं (ओला-उबर) को काउंटर दिए जाने और स्थानीय टैक्सी व्यवसायियों के हितों की अनदेखी के विरोध में आज प्रदेश के परिवहन महासंघ ने मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। सुंदर सिंह पंवार (प्रदेश अध्यक्ष) के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर स्थानीय युवाओं के रोजगार और सुरक्षा की रक्षा हेतु तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।

​प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर दशकों से स्थानीय टैक्सी-मैक्सी व्यवसायी सेवाएं दे रहे हैं। 16 जनवरी 2026 से ओला-उबर जैसी बाहरी कंपनियों को ऑनलाइन काउंटर आवंटित किए जाने से स्थानीय चालकों की रोजी-रोटी पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। महासंघ ने स्पष्ट किया कि वे ‘भारत टैक्सी’ के संचालन का समर्थन करते हैं और मांग की कि बाहरी कंपनियों के बजाय स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।

​ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन गंभीर समस्याओं को उठाया गया:

​अत्यधिक पार्किंग शुल्क: एयरपोर्ट पर वसूला जा रहा पार्किंग शुल्क देश के अन्य हवाई अड्डों की तुलना में काफी अधिक और असंगत है, जो स्थानीय चालकों पर आर्थिक बोझ डाल रहा है।

​बाहरी राज्यों का हस्तक्षेप: आरोप लगाया गया कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोग स्थानीय चालकों के साथ मारपीट, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार कर रहे हैं।

​सुरक्षा की कमी: स्थानीय व्यवसायियों ने अपने सम्मान और सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
​प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल

​मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान सुंदर सिंह पंवार के साथ  भगवान सिंह पंवार, दीपक भट्ट, यशवीर सिंह, सचिव चंद्र किशोर उनियाल, मदन सिंह मियां, विजय सिंदवाल, गुलाब सिंह, महेंद्र प्रसाद भारती, कीर्ति सिंह नेगी, ईश्वर सिंह रौथान, मुकेश गॉड, बालम सिंह रावत, लल्लन यादव और सुनील कुमार सहित कई पदाधिकारी एवं चालक उपस्थित रहे।

​मुख्यमंत्री का आश्वासन:

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को इस मामले का उचित समाधान निकालने तथा स्थानीय टैक्सी व्यवसायियों के हितों को सुरक्षित रखने के निर्देश देने का आश्वासन दिया।